Saturday, March 23, 2024

ON APRIL 9,2024 ( Vikram Samvat 2081 ) DURGA NAVRATRI WILL BE BEGINNG OF CHAITRA NAVRATRI

                    

ON APRIL 9,2024 ( Vikram Samvat 2081 ) DURGA NAVRATRI WILL BE BEGINNING OF CHAITRA NAVRATRI

                                   


               9  अप्रैल से  17 अप्रैल  2024  को दुर्गा नवरात्रि से चैत्र नवरात्रि की शुरुआत होगी

 






                 भगवान शिव ने कहा:- हे देवी! आप भक्तों के लिए सुलभ हैं और सभी कर्मों का कथन करने वाले हैं। कलियुग में मनोकामना सिद्धि का यदि कोई उपाय है तो उसे भलीभांति अपनी वाणी बना लें। इसके बाद देवी ने कहा-तुम्हारा मुझ पर बड़ा स्नेह है। कलियुग में समस्त कामनाओं को सिद्ध करने का क्या अर्थ है, वह मैं तुम्हें बताता हूं, सुनो! उसका नाम 'अम्बासुति' है।

              

            भगवान शिवाजी बोले: - हे देवी! आप भक्तों के झूठ सुलह हो सकते हैं और सभी कर्मों का विधान करने वाले हैं। कलियुग में कामनाओं की सिद्धि के लिए यदि कोई उपाय हो तो अपनी वाणी द्वारा सम्यक रूप से व्यथित करो। उसके बाद देवी ने कहा :- तुम मेरे ऊपर बहुत सनेह हो। कलियुग में सभी कामनाओं को सिद्ध करनेवाला जो साधन है मैं बताऊंगा, सुनो! उसका नाम है अम्बासत्व।

    


                 ॐ यह दुर्गा सप्तश्लोकी सूत्र मंत्र के नारायण ऋषि, अंशुप्रप छंद, श्रीमहाकाली, महालक्ष्मी और महासरस्वती देवता हैं, श्री दुर्गा की प्रसन्नता के लिए सप्तश्लोकी दुर्गा पाठ में प्रयोग किया जाता है।


                वे देवी महामाया दिव्य ज्ञानियों के मन को प्रलोभन में डालने के लिए मजबूर करते हैं ..1 ..


             माँ दुर्गा, आपके स्मरण से समस्त प्राणियों को भय लगता है तथा स्वस्थ मनुष्यों द्वारा ध्यान करने पर वे परम कल्याणकारी बुद्धि प्रदान करती हैं। और कौन है जो दरिद्रता, दरिद्रता और भय से डरता है, जिसका हृदय सबको धन्यवाद देने के लिए सदैव दयालु रहता है। रहना


             . मान दुगा! आप सभी जीवन के भय को हर तरह से और स्वस्थ मासचिंतन करने के लिए उन्हें परम कल्याणमयी बुद्धि प्रदान करते हैं। दु:ख, दरिद्रता और भय हरणेवाली देवी! आप के सिवा दूसरे जो हैं, जिसका चित्त सबका उपकार करने के लिए झूठ हमेशा ही दयाद्र्रहाता हो।


              दीन-दुखियों की रक्षा करने वाली, सबके दुख-दर्द की शरण में आने वाली नारायणी देवी! आपको नमस्कार ..4 ..


                सब प्रकार की शक्ति और सब प्रकार की शक्ति से परिपूर्ण दुर्गा दुर्गा दवे गोदावरी! सब भयों से हमारी रक्षा करो, तुम्हें नमस्कार है।5


                देवी जब आप प्रसन्न होती हैं तो सभी रोगों को नष्ट कर देती हैं और जब आप क्रोधित होती हैं तो सभी मनोकामनाओं को नष्ट कर देती हैं। जो मनुष्य आपकी शरण में आये हैं, उन्हें कष्ट भी नहीं होता। जो मनुष्य आपकी शरण में गये हैं, वे दूसरों की शरण में चले जाते हैं।6


               सर्वेश्वरी! इसी प्रकार तीनों लोकों की समस्त बाधाओं को शांत करें और हमारे शत्रुओं का नाश करते रहें।।7।।

No comments:

Post a Comment

ON MARCH 19,2026 ( Vikram Samvat 2083 ) DURGA NAVRATRI WILL BE BEGINNG OF CHAITRA NAVRATRI

                  ऊँ सती साध्वी भवप्रीता भवानी भवमोचनी । आर्या दुर्गा जया आद्या त्रिनेत्रा शूलधारिणी ।। पिनकधारिणी                      चित्...