ऊँ सती साध्वी भवप्रीता भवानी भवमोचनी। आर्या दुर्गा जया आद्या त्रिनेत्रा शूलधारिणी ।। पिनकधारिणी चित्रा चन्डघण्टा महातपाः मनोबुद्विरहंकारा चित्त रूपा चिता चिति: सर्वमन्त्रमयी सत्या सत्यानन्दस्वरूपिणी अनन्ता भवानी भव्या भव्याभव्या सदागति : शाम्भवी देवमाता चिन्ता रत्नपप्रिया सदा सर्वाविद्या दक्षकन्या दक्षयज्ञ विनाशिनि अपर्णानेकवर्णा पाटला पाटलावती पट्टाम्बरप्रिधाणा कलमंजीररंजनी अमेयविक्रमा क्रूर सुन्दरी सुरसुन्दरी वनदुर्गा मातगडी मतगड: मुनिपूजिता ब्राह्मी माहेश्वरी चैन्द्री कौमारी वैष्णवीं तथा चामुण्डा चैव वाराही लक्ष्मीश्च पुरुषाकृति विमलोत्कर्षिणी ज्ञाना क्रिया नित्या बुद्धिदा बहुला बहुलप्रेमा सर्व वाहनवाहना निशुम्भशुम्भहन्नी महिषासुरमर्दिनी मधुकैटभहन्त्री चण्डमुण्डविनाशिनि सर्वासुरविनाशा सर्वदानवघातिनि सर्वशास्त्रमयी सत्या सर्वास्त्रधारिणी अनेकशस्त्रहस्ता च अनेकास्त्रस्य धारिणि कुमारी चैक कन्या च कैशोरी युवती यति: अप्रौढा चैव प्रौढ़ा च वृद्ध माता बलप्रदा महोदरी मुक्तकेशी घोररूपा महाबला अग्निज्वाला रौद्रमुखी कालरात्रिस्तपस्विनी नारायणी भद्रकाली विष्णुमाया जलोदरी शिवदूती कराली च अनन्ता परमेश्वरी कात्यायनी च सावित्री प्रत्यक्षा ब्रह्मवादिनी |
CHAITRA MONTH MAA DURGA NAVARATRI WILL BE STARTED MARCH18, 2018
Tuesday, March 3, 2026
ON MARCH 19,2026 ( Vikram Samvat 2083 ) DURGA NAVRATRI WILL BE BEGINNG OF CHAITRA NAVRATRI
ऊँ सती साध्वी भवप्रीता भवानी भवमोचनी। आर्या दुर्गा जया आद्या त्रिनेत्रा शूलधारिणी ।। पिनकधारिणी चित्रा चन्डघण्टा महातपाः मनोबुद्विरहंकारा चित्त रूपा चिता चिति: सर्वमन्त्रमयी सत्या सत्यानन्दस्वरूपिणी अनन्ता भवानी भव्या भव्याभव्या सदागति : शाम्भवी देवमाता चिन्ता रत्नपप्रिया सदा सर्वाविद्या दक्षकन्या दक्षयज्ञ विनाशिनि अपर्णानेकवर्णा पाटला पाटलावती पट्टाम्बरप्रिधाणा कलमंजीररंजनी अमेयविक्रमा क्रूर सुन्दरी सुरसुन्दरी वनदुर्गा मातगडी मतगड: मुनिपूजिता ब्राह्मी माहेश्वरी चैन्द्री कौमारी वैष्णवीं तथा चामुण्डा चैव वाराही लक्ष्मीश्च पुरुषाकृति विमलोत्कर्षिणी ज्ञाना क्रिया नित्या बुद्धिदा बहुला बहुलप्रेमा सर्व वाहनवाहना निशुम्भशुम्भहन्नी महिषासुरमर्दिनी मधुकैटभहन्त्री चण्डमुण्डविनाशिनि सर्वासुरविनाशा सर्वदानवघातिनि सर्वशास्त्रमयी सत्या सर्वास्त्रधारिणी अनेकशस्त्रहस्ता च अनेकास्त्रस्य धारिणि कुमारी चैक कन्या च कैशोरी युवती यति: अप्रौढा चैव प्रौढ़ा च वृद्ध माता बलप्रदा महोदरी मुक्तकेशी घोररूपा महाबला अग्निज्वाला रौद्रमुखी कालरात्रिस्तपस्विनी नारायणी भद्रकाली विष्णुमाया जलोदरी शिवदूती कराली च अनन्ता परमेश्वरी कात्यायनी च सावित्री प्रत्यक्षा ब्रह्मवादिनी |
Tuesday, March 25, 2025
ON MARCH, 30, 2025 TO APRIL 6, 2025 CHAITRA NAVARATRI (SHUKLA PAKSHA ) Will Be BEGINNING (VIKRAM SAMVAT 2082)
On March , 30, 2025 to April 6,2025 Vikram Samvat 2082 Chaitra Navaratri ( Shukla Paksha ) will started
Date
Navnratri.
Tithi
Till time
30-3-2025. Ist. Pratipada. BEGINNING OF Chaitra NAVRATRI ON March 30,2025 till 12:48
31-3-2025 2nd Dwitiya. 09-10
Decay 3rd. Tritiya Decay
1-4-2025. 4th. Chaturthi. Full day
2-4-2025 5th. Panchami. Full da
3-4-2025 6th. Sashthi. Full day
4-4 -2025. 7th. Saptami. 20:12
5-04-2025. 8th. Ashtami. 19:25
06-04-2025 9th. Navami. 19:22
I will be prayed to Maha Maai always welcome.
Saturday, March 23, 2024
ON APRIL 9,2024 ( Vikram Samvat 2081 ) DURGA NAVRATRI WILL BE BEGINNG OF CHAITRA NAVRATRI
ON APRIL 9,2024 ( Vikram Samvat 2081 ) DURGA NAVRATRI WILL BE BEGINNING OF CHAITRA NAVRATRI
9 अप्रैल से 17 अप्रैल 2024 को दुर्गा नवरात्रि से चैत्र नवरात्रि की शुरुआत होगी
भगवान शिव ने कहा:- हे देवी! आप भक्तों के लिए सुलभ हैं और सभी कर्मों का कथन करने वाले हैं। कलियुग में मनोकामना सिद्धि का यदि कोई उपाय है तो उसे भलीभांति अपनी वाणी बना लें। इसके बाद देवी ने कहा-तुम्हारा मुझ पर बड़ा स्नेह है। कलियुग में समस्त कामनाओं को सिद्ध करने का क्या अर्थ है, वह मैं तुम्हें बताता हूं, सुनो! उसका नाम 'अम्बासुति' है।
भगवान शिवाजी बोले: - हे देवी! आप भक्तों के झूठ सुलह हो सकते हैं और सभी कर्मों का विधान करने वाले हैं। कलियुग में कामनाओं की सिद्धि के लिए यदि कोई उपाय हो तो अपनी वाणी द्वारा सम्यक रूप से व्यथित करो। उसके बाद देवी ने कहा :- तुम मेरे ऊपर बहुत सनेह हो। कलियुग में सभी कामनाओं को सिद्ध करनेवाला जो साधन है मैं बताऊंगा, सुनो! उसका नाम है अम्बासत्व।
ॐ यह दुर्गा सप्तश्लोकी सूत्र मंत्र के नारायण ऋषि, अंशुप्रप छंद, श्रीमहाकाली, महालक्ष्मी और महासरस्वती देवता हैं, श्री दुर्गा की प्रसन्नता के लिए सप्तश्लोकी दुर्गा पाठ में प्रयोग किया जाता है।
वे देवी महामाया दिव्य ज्ञानियों के मन को प्रलोभन में डालने के लिए मजबूर करते हैं ..1 ..
माँ दुर्गा, आपके स्मरण से समस्त प्राणियों को भय लगता है तथा स्वस्थ मनुष्यों द्वारा ध्यान करने पर वे परम कल्याणकारी बुद्धि प्रदान करती हैं। और कौन है जो दरिद्रता, दरिद्रता और भय से डरता है, जिसका हृदय सबको धन्यवाद देने के लिए सदैव दयालु रहता है। रहना
. मान दुगा! आप सभी जीवन के भय को हर तरह से और स्वस्थ मासचिंतन करने के लिए उन्हें परम कल्याणमयी बुद्धि प्रदान करते हैं। दु:ख, दरिद्रता और भय हरणेवाली देवी! आप के सिवा दूसरे जो हैं, जिसका चित्त सबका उपकार करने के लिए झूठ हमेशा ही दयाद्र्रहाता हो।
दीन-दुखियों की रक्षा करने वाली, सबके दुख-दर्द की शरण में आने वाली नारायणी देवी! आपको नमस्कार ..4 ..
सब प्रकार की शक्ति और सब प्रकार की शक्ति से परिपूर्ण दुर्गा दुर्गा दवे गोदावरी! सब भयों से हमारी रक्षा करो, तुम्हें नमस्कार है।5
देवी जब आप प्रसन्न होती हैं तो सभी रोगों को नष्ट कर देती हैं और जब आप क्रोधित होती हैं तो सभी मनोकामनाओं को नष्ट कर देती हैं। जो मनुष्य आपकी शरण में आये हैं, उन्हें कष्ट भी नहीं होता। जो मनुष्य आपकी शरण में गये हैं, वे दूसरों की शरण में चले जाते हैं।6
सर्वेश्वरी! इसी प्रकार तीनों लोकों की समस्त बाधाओं को शांत करें और हमारे शत्रुओं का नाश करते रहें।।7।।
Monday, March 6, 2023
ON MARCH 22,2023 ( Vikram Samvat 2080 ) DURGA NAVRATRI WILL BE BEGINNG OF CHAITRA NAVRATRI
ऊँ सती साध्वी भवप्रीता भवानी भवमोचनी। आर्या दुर्गा जया आद्या त्रिनेत्रा शूलधारिणी ।। पिनकधारिणी चित्रा चन्डघण्टा महातपाः मनोबुद्विरहंकारा चित्त रूपा चिता चिति: सर्वमन्त्रमयी सत्या सत्यानन्दस्वरूपिणी अनन्ता भवानी भव्या भव्याभव्या सदागति : शाम्भवी देवमाता चिन्ता रत्नपप्रिया सदा सर्वाविद्या दक्षकन्या दक्षयज्ञ विनाशिनि अपर्णानेकवर्णा पाटला पाटलावती पट्टाम्बरप्रिधाणा कलमंजीररंजनी अमेयविक्रमा क्रूर सुन्दरी सुरसुन्दरी वनदुर्गा मातगडी मतगड: मुनिपूजिता ब्राह्मी माहेश्वरी चैन्द्री कौमारी वैष्णवीं तथा चामुण्डा चैव वाराही लक्ष्मीश्च पुरुषाकृति विमलोत्कर्षिणी ज्ञाना क्रिया नित्या बुद्धिदा बहुला बहुलप्रेमा सर्व वाहनवाहना निशुम्भशुम्भहन्नी महिषासुरमर्दिनी मधुकैटभहन्त्री चण्डमुण्डविनाशिनि सर्वासुरविनाशा सर्वदानवघातिनि सर्वशास्त्रमयी सत्या सर्वास्त्रधारिणी अनेकशस्त्रहस्ता च अनेकास्त्रस्य धारिणि कुमारी चैक कन्या च कैशोरी युवती यति: अप्रौढा चैव प्रौढ़ा च वृद्ध माता बलप्रदा महोदरी मुक्तकेशी घोररूपा महाबला अग्निज्वाला रौद्रमुखी कालरात्रिस्तपस्विनी नारायणी भद्रकाली विष्णुमाया जलोदरी शिवदूती कराली च अनन्ता परमेश्वरी कात्यायनी च सावित्री प्रत्यक्षा ब्रह्मवादिनी |
तारीख | नवरात्रि | तिथि | समय तक |
22-03-2023 | प्रथम | प्रतिपदा | 20:20:25 |
23-03-2023 | द्वितीया | द्वितीया | 18:20 |
24-03-2023 | तीसरा | तृतीय | 16:59 |
25-03-2023 | चौथा | चतुर्थी | 16:22:32 |
26-03-2023 | पंचम | पंचमी | 16:32:22 |
27-03-2023 | छठा | षष्ठी | 17:27:18 |
28-03-2023 | सातवां | सप्तमी | 19:01:50 |
29-03-2023 | आठवां | अष्टमी | 21:06:40 |
30-03-2023 | नौवीं | नवमी | 23:29 |
Monday, March 7, 2022
ON APRIL 2nd,2022 ( Vikram Samvat 2079 ) DURGA NAVRATRI WILL BE BEGINNG OF CHAITRA NAVRATRI
1. सती 2. साध्वी 3. भवप्रीत 4. भवानी 5. भवमोचन 6. आर्य 7. दुर्गा 8. जया 9. अदा 10. त्रिमूर्ति 11. सुकालिनी 12. पिनाक बचिनी 13. चक्र 14. चंदामंत 15. गुरु: 16. मन 17 बुद्धिः 18. अहंकार 19. चित्ररूपा 20. पीता 21. चिटिया: 22. सर्वदलीय 23. शक्ति 24. सत्यानंद स्वरूप 25. अनंत 26. भाविनी 27. भावना 28. प्रतिक्रमण 29. अभय 30. सद्गति: 31. शाम्भवी (शिवप्रिया) 32. देवमाता 33. चिंता 34. रत्नप्रिया 35. सर्वविद्या 36. दक्षिणकन्या 37. दक्षिण वैष्णविनी 38. अनेक 39. अपर्णा 40. पाताला 41. पातालवती 42. पट्टाबरपधान 43. कलामजिरार्जिनी (मज्जिरको की मधुर ध्वनि से) मुबारक 44। अमेय विक्रमा 45. क्रुरा 46 सुंदरी 47. सुरसुंदरी 48. वनदुर्गा 49. मातंगगी 50. मुतंगमणिपुजिता 51. ब्राह्मी 52. माहेश्वरी 53. एंड्री 54. कौड़ी 55. वैष्णवी 56. चामुंडा 57. वारणही 58. लक्ष्मी: 59. मनुसर: 60 विमला 61. उत्कर्षिणी 62. ज्ञान 63. क्रिया 64. नित्य 65. बुद्ध 66. बहिदा 67. बहुपक्षवाद 68. सर्वहवन 69. निशुंभ शुंभ हनानी 70. महिषासुरमर्दिनी 71. मा धूकत भट्टी 72. चंदामुंड विशिष्टि 73. सर्वसुरविनाशा 74. सर्वसंवाघशिनी 75. सरसमस्यमी 76. सत्य 77. विश्वविद्यालय 78. कई उपकरण 79. बिना शर्त 80. कुमारी 81 एक कन्या। 82. केशरी। 83. युवती 84. यति : 85. अप्रोडा। 86. प्रोदा 87. वृद्माता 88. बलप्रदा। 89. महोदरी। 90. मुक्तकेशी। 91. घोरुपारा। 92. महाबाला 93. अग्निजवाला। 94. रौद्रमुखी। 95. कालरात्रि: 96. तपस्विनी। 97. नारायणी 98. भद्रकाली 99. विष्णु माया। 100. जोलाद्री। 101. शिवुदुति। 102
ON APRIL 2nd,2022 DURGA NAVRATRI WILL BE BEGINNG OF CHAITRA
NAVRATRI
|
Date |
Navratri |
Tithi |
Till time |
|
2-04-2022 |
Ist |
Pratipada |
12-01P.M BEGINNING OF CHAITRA NAVRATRI |
|
3-04-2022 |
2nd |
Dwitiya |
12-40 |
|
4-04-2022 |
3rd |
Tritiya |
13-58 |
|
5-04-2022 |
4th |
Chaturthi |
15-48 |
|
6-04-2022 |
5th |
Panchami |
18-03 |
|
7-04-2022 |
6th |
Sashthi |
20-33 |
|
8-04-2022 |
7th |
Saptami |
23-04 |
|
9-04-2022 |
8th |
Ashtami |
25-22 |
|
10-04-2022 |
9th |
Navami |
27-14 |
Monday, March 22, 2021
ON APRIL 13, 2021 VIKRAM SAMVAT 2078 DURGA CHAITRA NAVRATRI WILL BE BEGIN
ON APRIL 13,2021 DURGA NAVRATRI WILL BE
BEGINNG OF CHAITRA NAVRATRI
|
Date |
Navratri |
Tithi |
Till time |
|
13-04-2021 |
Ist |
Pratipada |
08-02A.M TO 10:17 BEGINNING OF CHAITRA NAVRATRI |
|
14-04-2021 |
2nd |
Dwitiya |
12-48 |
|
15-04-2021 |
3rd |
Tritiya |
15-27 |
|
16-04-2021 |
4th |
Chaturthi |
18-04 |
|
17-04-2021 |
5th |
Panchami |
20-30 |
|
18-04-2021 |
6th |
Sashthi |
22-32 |
|
19-04-2021 |
7th |
Saptami |
23-58 |
|
20-04-2021 |
8th |
Ashtami |
24-39 |
|
21-04-2021 |
9th |
Navami |
24-30 |
Sunday, February 23, 2020
On March,25,2020 to April 2,2020(Vikram Samvat 2077) chitra Navratri will be Begin
On March 25,2020 Vikram Samvat 2077, the auspicious time of Chaitra Navratri will begin on Wednesday. Navratri will be held from March 25 to April 2, 2020. Shri Ganesh and Maa Durga should install the idol. There is a law to read Sri Durgasaptashati by burning five liters, camphor, incense, fruits, coconut, lotus of water, burning pure indigenous ghee, Akhand lamp.
मार्च 25,2020 विक्रम संवत 2077 को चैत्र नवरात्रि का शुभ मुहूर्त बुधवार के दिन प्रारम्भ होगा। मार्च 25 से 2 अप्रैल 2020 तक नवरात्रि रहेगी।श्री गणेश एवं मां दुर्गा प्रतिमा स्थापित करे।पंच मेवे ,नारियल,जल का लोटा,शुद्ध देशी घी, अखण्ड दीप जलाकर कर प्रज्वलित करके श्री दुर्गासप्तशती का संकल्पपूर्वक पाठ करने विधान है।प्रतिपदा को ही समृद्धि के प्रतीक मिट्टी के पात्र में शुद्ध रेत/मिट्टी डालकर जौ का बीज रोपण करे।
Lunar Year: - In the time of the moon period, twelve chakras of the moon cycle are cut, it lasts a cycle of moon and the moon during the lunar year and during which the moon masses and in which time the 12 parts (and 1 date) of the moon trek It is called moon day. A moon mass is 29 days, 21 hours, 50 minutes and 7 dents, and a lunar year is 354 days, 22 hours clock, one moment and 23 minutes.
Namdeo Namaskar. Mahadevi is always greeted with Shiva. There is a lot of devotion to Nature and Bhadra. There are greetings to Roorrupa. Nita, Ghori, and Mahatma are repeatedly pranams. Goddess continuously prays to Jyotsnamai, Chandrubri, and Sukhsarupa.O mother, Lord Shiva, Brahmaji, and Mahadeva of your strength are also able to do this. This Bhagwati Ambika, living in the form of poverty in the house of Lakshmi in the whole world, and destroying the evil deeds, and living in the homes of virtuous souls, In the intellectual form of men who are doing and being pure, here you will destroy all the Asura and suffer the whole world. I salute the mother to the mother. There is a Namaskar who lives in three qualities. Namdeo to Goddess, Mahadevi is always auspicious. Rudra has a greeting. Durga, Durgaparayai, Sarvarkini, Fame, Krishna, and Dhoomravi are always greeted with goodness. Very gentle Rudrupa is the Goddess of Goddess. We always do Namaskar. The Goddess of the universe is the Goddess of the Goddess, again and again, Namaskar. The Goddess who is said in the name of Vishnu Maya in all the beings, greet them, greet them They have many times salutations. Namaskar who is called the consciousness in all the beings, Namaskar to him, Namaskar to him, he has many times Namaskar. Namaskar, those who are present in the form of wisdom in their lives are greeted by them, repeatedly, Namaskar. Namaskar who are all from sleeping and greetings repeatedly. Namaskar, who is present in all the Goddesses in the form of anaesthesia, is auspicious for him and he is repeatedly greeted. The Goddess of all the beings Namaskar is those who are situated in the heart of them and greet them repeatedly. Those Goddesses who are in all living beings are greeted with greetings and greetings to them repeatedly. Those who are apologetic in all the beings who are apologetically forgotten, they are repeatedly greeted Goddesses are based in a lajja, caste and revered form, greet them, they are repeatedly greeted. Those goddesses Laxmi, Kanti, peace Are located, they greet them hello and frequent afternoon.
On March ,25, 2020 to April 2,2020 Vikram Samvat 2077 Chaitra Navaratri ( Shukla Paksha ) will started
Date
|
Navnratri
|
Tithi
|
Till
time
|
25-3-2020
|
Ist
|
Pratipada
|
BEGINNING OF Chaitra NAVRATRI ON March 25,2020
till 17.26
|
26-3-2020
|
2nd
|
Dwitiya
|
19-53
|
27-3-2020
|
3rd
|
Tritiya
|
22-11
|
28-3-2020
|
4th
|
Chaturthi
|
24-16
|
29-3-2020
|
5th
|
Panchami
|
26-00
|
30-3-2020
|
6th
|
Sashthi
|
27-13
|
31-3-2020
|
7th
|
Saptami
|
27-48
|
01-04-2020
|
8th
|
Ashtami
|
27-38
|
02-04-2020
|
9th
|
Navami
|
26-40
|
Date
|
Navnratri
|
Tithi
|
Till
time
|
25-3-2020
|
Ist
|
Pratipada
|
BEGINNING OF Chaitra NAVRATRI ON March 25,2020
till 17.26
|
26-3-2020
|
2nd
|
Dwitiya
|
19-53
|
27-3-2020
|
3rd
|
Tritiya
|
22-11
|
28-3-2020
|
4th
|
Chaturthi
|
24-16
|
29-3-2020
|
5th
|
Panchami
|
26-00
|
30-3-2020
|
6th
|
Sashthi
|
27-13
|
31-3-2020
|
7th
|
Saptami
|
27-48
|
01-04-2020
|
8th
|
Ashtami
|
27-38
|
02-04-2020
|
9th
|
Navami
|
26-40
|
ON MARCH 19,2026 ( Vikram Samvat 2083 ) DURGA NAVRATRI WILL BE BEGINNG OF CHAITRA NAVRATRI
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